मध्य प्रदेश

MP Medical Admission: डॉक्टर बनने का सपना होगा कितना मुश्किल? भोपाल GMC की एक सीट के लिए 944 विद्यार्थी मैदान में

भोपाल 

 मध्यप्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन का अंतिम दौर यानी कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) में खाली सीटों पर एडमिशन के लिए विद्यार्थियों में मारामारी है। राज्यभर के मेडिकल (एमबीबीएस) और डेंटल (बीडीएस) कॉलेजों की केवल 62 सीटें खाली हैं, जिसके लिए 13876 च्वाइस फिलिंग (आवेदन) हुए हैं। एक सीट के लिए औसतन 224 विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। इंदौर में एमबीबीएस की खाली चार सीटों के लिए 2003 विद्यार्थी मैदान में हैं।

प्रदेश में सबसे ज्यादा क्रेज जीएमसी भोपाल की एकमात्र खाली सीट पर है, जहां पर 944 विद्यार्थी एडमिशन की लाइन में हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश में एमबीबीएस की 38 सीटें खाली है, जिसके लिए 12069 आवेदन प्राप्त हुए है, यानी प्रत्येक सीट पर लगभग 317 विद्यार्थियों ने दावा किया है। बीडीएस की 24 सीटों के लिए 1807 च्वाइस फिलिंग दर्ज की गई है, जिसमें औसतन प्रति सीट करीब 75 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा कुछ आवेदनों में से 13345 आवेदन यानी 96.1 प्रतिशत मध्यप्रदेश के मूल निवासी, वहीं 531 आवेदन अन्य राज्यों के विद्यार्थियों के हैं।

ये है प्रदेश की स्थिति

62-खाली सीटें
13876-च्वाइस फिलिंग
12069-एमबीबीएस आवेदन
317-प्रति सीट आवेदन
1807-बीडीएस आवेदन
75-प्रति सीट आवेदन
13345-राज्य के विद्याथियों के आवेदन
531-बाहरी राज्यों के विद्यार्थियों के आवेदन

इंदौर के गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज का क्रेज
शहर के एकमात्र गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज में बीडीएस की एक सीट के लिए 262 छात्रों ने दावेदारी की है। प्राइवेट डेंटल कॉलेजों (इंडेक्स डेंटल, मॉडर्न डेंटल, और श्री अरबिंदो डेंटिस्ट्री) में 9 सीटें खाली हैं, जिन पर 651 आवेदन प्राप्त हुए हैं। अरबिंदो डेंटल व माडर्न डेंटल की एक-एक सीट पर क्रमशः 213 व 211 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है।

इंदौर में एडमिशन की होड़
सीएलसी काउंसलिंग में इंदौर के मेडिकल व डेंटल एजुकेशन कॉलेज में प्रवेश के लिए भारी होड़ है। यहां 14 सीटों के लिए 2900 से अधिक आवेदन आए हैं। यानी औसतन प्रति सीट 208 विद्यार्थी मैदान में हैं। इसमें एमबीबीएस की मात्र चार सीट है।

यहां गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एकभी सीट खाली नहीं है। इंदौर के 3 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों (इंडेक्स, एलएनसीटी और श्री अरबिंदो) में एमबीबीएस की चार सीटें खाली हैं, जिन पर 2003 विद्यार्थियों ने च्वाइस फीलिंग की है। मतलब है कि इंदौर में एमबीबीएस की एक सीट पर 500 से अधिक छात्र कतार में हैं।

गवर्नमेंट की 8 सीटों पर 5676 आवेदन
गवर्नमेंट कॉलेजों में 8 सीटों के लिए 5676 आवेदन आए हैं। यहां 1 सीट के लिए औसतन 709 विद्यार्थियों में दौड़ में है। निजी मेडिकल कॉलेजों की खाली 54 सीटों के लिए 8200 च्वाइस फीलिंग की है। 

भोपाल के गवर्नमेंट गांधी मेडिकल कॉलेज की एक खाली एमबीबीएस सीट पर

944, नंदकुमार सिंह चौहान गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज खंडवा में एमबीबीएस की 2 सीटों के लिए 913. गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज सतना में एमबीबीएस की खाली एक सीट के लिए 896 और आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज उज्जैन में एमबीबीएस की 1 सीट पर 702 च्वाइस फिलिंग मिली।

 

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