टोली के साथ हुक्का बार जाती थी श्रद्धा, युवकों को फंसाने के आरोप से मचा हड़कंप

लखनऊ
लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से 9 अक्टूबर को गिरकर रेस्टोरेंट मालिक शिवा शर्मा की मौत हो गई थी. इस मामले में पुलिस मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे के लिव-इन पार्टनर और जौनपुर निवासी जुल्फिकार खान उर्फ जुल्फी के संपर्कों और भूमिका की जांच कर रही है. करीब तीन साल पहले हाई-प्रोफाइल क्लब में हुई मुलाकात के बाद से दोनों साथ रह रहे थे. पुलिस साइबर और क्राइम ब्रांच टीमों के जरिए यह पता लगा रही है कि क्या शिवा शर्मा को ब्लैकमेलिंग नेटवर्क के तहत निशाना बनाया जा रहा था और क्या जुल्फी ने घटना के बाद नागपुर में रही श्रद्धा की फरारी में मदद की थी।
ठगी और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क के आरोप
जांच के दौरान श्रद्धा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह जुल्फी की गोद में लेटी नजर आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, पिछले 15 साल से लखनऊ के बटलर पैलेस के पास फ्लैट में रह रहे जुल्फी ने बड़े नेताओं का करीबी बताकर युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी की है. आरोप है कि दोनों का एक नेटवर्क सक्रिय था, जिसके जरिए बड़े लोगों के अंतरंग पलों की गुप्त रिकॉर्डिंग कर उन्हें ब्लैकमेल करके रकम वसूली जाती थी।
अमीर लड़कों को फंसाकर लाती थी घर…
करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में गिरफ्तार मॉडल श्रद्धा दुबे को लेकर पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा अपनी बहन रश्मि दुबे और करीबी साथियों के साथ मिलकर अमीर परिवारों के लड़कों को निशाना बनाती थी. इसके लिए उसने बाकायदा एक तरीका अपना रखा था. वह हर रात अपनी टोली के साथ विभूतिखंड स्थित किसान बाजार के एक कैफे में जाती थी. वहां हुक्का पीने के दौरान अमीर परिवारों के युवकों से दोस्ती करने और उन्हें अपने जाल में फंसाने की योजना बनाई जाती थी।
कैफे में हुई थी शिवा और श्रद्धा की पहली मुलाकात
पुलिस पूछताछ के मुताबिक, शिवा शर्मा और श्रद्धा दुबे की पहली मुलाकात भी इसी कैफे में हुई थी. धीरे-धीरे दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और शिवा श्रद्धा के प्रभाव में आ गया. पुलिस का दावा है कि श्रद्धा शिवा का इस्तेमाल कर रही थी और उसे पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखती थी. वह उससे अपने पैर तक दबवाती थी. आरोप है कि श्रद्धा ने शिवा के कई आपत्तिजनक वीडियो भी बना रखे थे, जिनके जरिए उसे ब्लैकमेल किया जाता था।
कपड़े उतरवाकर लिपस्टिक पोती, जबरन कराया डांस
पुलिस पूछताछ में सामने आए आरोपों के मुताबिक, वारदात वाले दिन शिवा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया था. उसे अपमानित करने के लिए उसके कपड़े उतरवाए गए और शरीर पर लिपस्टिक पोती गई. इसके बाद श्रद्धा ने अपनी बहन रश्मि, करीबी आमिर और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश के सामने शिवा को जबरन डांस करने के लिए मजबूर किया. आरोप है कि कई घंटों तक उसे अपमानित और प्रताड़ित किया गया।
जुल्फी का पुराना आपराधिक इतिहास
मूल रूप से जौनपुर के खेतासराय का रहने वाला जुल्फी पहले भी कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी रहा है. 15 साल पहले कपड़े के कारोबारी पर शूटरों से हमला कराने में उसे दो साल पहले सजा हो चुकी है. इसके अलावा सितंबर 2024 में अबू सलेम के नाम पर व्यापारियों से रंगदारी मांगने और जनवरी 2021 में दो लोगों की हत्या की सुपारी देने के मामले में भी उसका नाम सामने आ चुका है।
पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई
फिलहाल साइबर और क्राइम ब्रांच की टीमें जुल्फी के लखनऊ और जौनपुर स्थित संपर्कों, कॉल डिटेल और उसके आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी जानकारियां जुटा रही हैं. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि श्रद्धा को जौनपुर ले जाकर किन प्रभावशाली लोगों से मिलवाया गया था. शिवा शर्मा हत्याकांड में जुल्फी के संभावित कनेक्शन की विस्तृत जांच जारी है।
रसूखदार लोगों की तस्वीरें दिखाकर जमाती थी धौंस
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक श्रद्धा प्रभावशाली लोगों के साथ पार्टियों की तस्वीरें दिखाकर अपना रसूख जाहिर करती थी. ये तस्वीरें पेन ड्राइव में सुरक्षित रखी गई थीं. आरोप है कि वह बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों के नाम का इस्तेमाल कर दूसरों पर धौंस जमाती थी. इसी कथित प्रभाव का इस्तेमाल कर उसने हजरतगंज थाने में एक FIR भी दर्ज कराई थी।
श्रद्धा और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद किसान बाजार स्थित कैफे का संचालक दुकान बंद कर फरार हो गया है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है. वहीं, शिवा को प्रताड़ित करने और वारदात के बाद नेपाल भगाने में मदद करने का आरोपी आमिर भी अभी फरार है।
13 नवंबर तक बढ़ी तीनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत
इस मामले में गिरफ्तार श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश की CJM कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई. अदालत ने तीनों की न्यायिक हिरासत 13 नवंबर तक बढ़ा दी है. श्रद्धा ने जेल में अपने वकील से मुलाकात के लिए सप्ताह में अधिक समय देने की मांग की. उसने अदालत में सशरीर पेश किए जाने की भी मांग की, लेकिन कारण पूछने पर वह चुप रही. अदालत ने कहा कि जरूरत पड़ने पर ही उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।



