मध्य प्रदेश

MP Rain Alert: इंदौर-जबलपुर-सागर-नर्मदापुरम में खास चेतावनी, सामान्य से 8% कम बारिश

भोपाल 

मध्य प्रदेश में कुछ दिनों के ब्रेक के बाद एक बार फिर मानसून एक्टिव हो गया है. प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को बारिश हुई. मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इंदौर, जबलपुर, सागर और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मानसून सिस्टम का असर बना रहेगा। 

शुक्रवार को भोपाल समेत कई जिलों में मौसम बदला और तेज बारिश हुई. भोपाल में बारिश के साथ तेज आंधी भी चली. इसके कारण कई इलाकों में कुछ समय के लिए विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम हो गई. सड़कों पर गाड़ी चलाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा. दमोह, टीकमगढ़ और विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। 

मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया अब प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहा है. इसी सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर दोबारा शुरू हुआ है. आने वाले दिनों में इस सिस्टम का असर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल सकता है। 

भोपाल समेत कई जिलों में बारिश
शुक्रवार को भोपाल में बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। कुछ इलाकों में विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। दमोह, टीकमगढ़ और विदिशा समेत कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने इंदौर, जबलपुर, सागर और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है। 15 सितंबर तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है। वाहन चालकों को कम विजिबिलिटी में धीमी गति से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है। तेज आंधी के समय पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहना भी जरूरी है। आने वाले दिनों में बारिश से राहत तो मिलेगी, लेकिन खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी रहेगा।

बारिश नहीं होने से गर्मी-उमस दोनों बढ़ी

बता दें कि प्रदेश के कई जिलों में पिछले 3 से 4 दिन बारिश नहीं हुई। इस वजह से गर्मी और उमस दोनों का असर बढ़ गया। बारिश शुरू होने से लोगों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रदेश में अब तक 31.5 इंच बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, अब तक हुई बारिश की बात करें तो इस सीजन 801.3 मिमी यानी, 31.5 इंच बारिश हो चुकी है। यह अब तक की सामान्य बारिश 34.2 इंच (868.6 मिमी) की तुलना में 2.7 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 8 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 1 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में औसत से 14% बारिश कम हुई है।

33 जिलों में 1% से 56% तक कम बारिश

प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 1% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 3% से 26% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। बीते एक सप्ताह से यहां के कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इससे आंकड़े में सुधार आया और सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा आंकड़ों में बेहतर रहा है, लेकिन बुधवार तक आंकड़ा एक प्रतिशत हो गया।

वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 1% से 56% कम पानी गिरा है।

इन 22 जिलों में ज्यादा बारिश

IMD की मानें तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़्र, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

15 सितंबर तक बारिश का दौर
मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण प्रदेश में 15 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. इस दौरान कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश भी होने का अनुमान है. कहीं-कहीं तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 

तीन-चार दिन से थमी थी बारिश, अब फिर राहत
प्रदेश के कई इलाकों में पिछले तीन-चार दिन से बारिश नहीं होने के कारण गर्मी और उमस बढ़ गई थी। शुक्रवार को बारिश शुरू होने के बाद मौसम बदला और लोगों को राहत मिली। भोपाल में बारिश के दौरान तेज हवा के कारण सड़क पर दृश्यता काफी कम हो गई। दमोह में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। खंडवा में भी दोपहर में पहले तेज हवा चली और इसके बाद बारिश हुई। टीकमगढ़ में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहाना हो गया।

31.5 इंच बारिश, सामान्य आंकड़े से अभी 2.7 इंच पीछे
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 801.3 मिमी यानी 31.5 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 868.6 मिमी यानी 34.2 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अभी 2.7 इंच यानी 8 प्रतिशत बारिश कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब एक प्रतिशत रह गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

33 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम
प्रदेश के 33 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से के कई जिलों में कमी 3 से 26 प्रतिशत तक है। इनमें बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी शामिल हैं। पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में कमी ज्यादा है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम पानी गिरा है।

22 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
दूसरी ओर अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। 

इन इलाकों में ज्यादा असर
इस समय भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर इंदौर, जबलपुर, सागर और नर्मदापुरम के जिलों में देखने को मिल सकता है. इसके अलावा भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है. बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने लोगों से बारिश और तेज आंधी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है. खासकर वाहन चालकों को कम विजिबिलिटी में स्लो स्पीड से गाड़ी चलाने और जरूरत न होने पर खुली जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। 

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