राजनीतिक

पेपर लीक, RPSC और खनन लीज पर राजस्थान में सियासी संग्राम, गहलोत ने CM को दिया अल्टीमेटम

जयपुर
राजस्थान की राजनीति में त्योहारी सीजन के बीच बड़ा भूचाल आ गया है। जोधपुर में आयोजित एक पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर लगाए गए गंभीर व्यक्तिगत और प्रशासनिक आरोपों के बाद प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच तीखा जुबानी जंग शुरू हो गई है।

एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ने गहलोत पर पेपर लीक गिरोह, आरपीएससी सदस्य नियुक्तियों में लेन-देन और पुराने व्यापार को लेकर तल्ख हमले बोले, वहीं पलटवार करते हुए पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने आरोपों को कपोल-कल्पित और झूठा करार देते हुए मुख्यमंत्री को 24 घंटे के भीतर तथ्य सार्वजनिक करने या माफी मांगने का अल्टीमेटम दे दिया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा हमला, 'जो हाथ भ्रष्टाचार करेगा, काट दिया जाएगा'

दिया कुमारी से बहस करते शिखर अग्रवाल की पुरानी तस्वीर
जोधपुर में पदयात्रा के दौरान मीडिया और जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, 'अरे गहलोत साहब, पूरी तरह से सुन लीजिए। अगर बायां हाथ गलती करेगा, भ्रष्टाचार करेगा तो बाएं हाथ को काट दिया जाएगा। अगर दायां हाथ भ्रष्टाचार करेगा तो दायां हाथ काट दिया जाएगा। यह ब्रजवासी है, किसान का बेटा है… भ्रष्टाचार की पूरी फेहरिस्त बताऊंगा तो आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। मैं किसी को छोड़ता नहीं, ब्याज सहित चुकाता हूं।"

सीएम भजनलाल द्वारा लगाए गए मुख्य आरोप
पेपर लीक और सीएमओ के तार: सीएम ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान हुए पेपर लीक गिरोह के तार पूर्व सीएमओ के ओएसडी शशिकांत और पीएसओ राजकुमार यादव से जुड़े हुए थे।

आरपीएससी नियुक्तियां: पैसों के लेन-देन के आधार पर राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के सदस्यों की नियुक्तियां की गईं।

व्यापारिक आरोप: पुराने खाद-बीज कारोबार में नकली माल बेचकर किसानों को लूटने का काम किया गया।

24 घंटे में सबूत दें या माफी मांगें: पूर्व सीएम अशोक गहलोत
मुख्यमंत्री के तीखे बयानों पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कड़ी प्रतिक्रिया दी। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री अपराधबोध और बौखलाहट में आकर भाषा की मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ रहे हैं और जनता को भ्रमित करने का असफल प्रयास कर रहे हैं।

"मुख्यमंत्री जी अपने आरोपों का विस्तृत विवरण, तथ्य और दस्तावेज मुझे भी दें और प्रदेश की जनता के सामने भी रखें, अन्यथा 24 घंटे के भीतर अपने दिए गए बयान के लिए माफी मांगें।"- अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री

IAS शिखर अग्रवाल प्रकरण व अनंता रिसॉर्ट पर घेरा
आइएएस शिखर अग्रवाल और अनंता रिसॉर्ट्स विवाद का जिक्र करते हुए गहलोत ने सवाल दागा,

'अनंता रिसॉर्ट को विशेष छूट देने वाले बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट के अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में उस कंपनी को विशेष पैकेज दिए जाने में उनकी क्या भूमिका रही, इसका जवाब दें?

'सरकार यदि पारदर्शी है तो इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की जांच एसीबी (ACB) के बजाय केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) को क्यों नहीं सौंप रही है?'

बेढ़म बनाम टीकाराम जूली: खान आवंटन पर घमासान
इस सियासी आतिशबाजी के बीच दोनों पक्षों के वरिष्ठ नेता भी खुलकर मैदान में आ गए हैं:

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म का आरोप: उन्होंने जोधपुर के बड़ा कांटेचा गांव में 37 खनन लीज में से 16 लीज गहलोत के रिश्तेदारों को आवंटित किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विवाद बढ़ने पर उस वक्त सरकार को इन्हें निरस्त करना पड़ा था, जिसका जवाब गहलोत को देना चाहिए।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का बचाव: टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री के बयानों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अशोक गहलोत का सार्वजनिक जीवन दशकों से बेदाग और अनुकरणीय रहा है। मुख्यमंत्री के इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान राजस्थान की स्वस्थ राजनीतिक परंपरा और स्तर को गिराने वाले हैं, जिसके लिए उन्हें तत्काल माफी मांगनी चाहिए।

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