मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में सफाईकर्मियों की हड़ताल से बिगड़े हालात, भोपाल में 3 हजार मीट्रिक टन कचरा जमा

भोपाल

नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये करने और अनुकंपा नियुक्ति समेत चार मांगों को लेकर मध्य प्रदेश के सफाईकर्मी बीते तीन दिनों से हड़ताल पर हैं. एक अनुमान के मुताबिक प्रदेश के बड़े नगरीय निकायों में 70 हजार कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है. जिसके कारण शहरों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है. सड़कों पर कचरे के ढेर लगना शुरु हो गए हैं. भोपाल में ही बीते तीन दिनों का करीब 3 हजार मीट्रिक टन से अधिक कचरा सड़कों पर डंप है.

नगर निगम मुख्यालय की काट दी बिजली

बता दें कि, भोपाल नगर निगम के करीब 13 हजार कर्मचारी तीन दिन से हड़ताल पर हैं. इससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई. तीन दिन से शहर में सफाई न होने के अलावा डोर-टू-डोर कलेक्शन भी नहीं हुआ. वहीं गुरुवार को निगम के दूसरे विभागों में पदस्थ कर्मचारियों ने भी इस हड़ताल को समर्थन देते हुए निगम मुख्यालय अटल भवन में कामकाज बंद कर दिया. ऐसे में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के अलावा विवाह पंजीयन और दूसरी जरूरी सेवाओं के काउंटर बंद रहे. शाम के समय कर्मचारी संगठन निगम मुख्यालय पहुंचे और सभी दफ्तरों की बिजली बंद कर दी. मुख्यालय में अंधेरा होते ही अधिकारी भी दफ्तर छोड़कर चले गए. शुक्रवार को भी सुबह ने ही नगर निगम कार्यालय में सन्नाटा है.

हड़ताल खत्म हुई तो मैन्युअली काम नहीं होगा

नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि, तीन दिन में स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि हड़ताल खत्म होने के बाद शहर की फफाई मैन्युअली नहीं हो सकेगी. क्योंकि सभी 85 वार्डों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं. इन्हें साफ करने के लिए मशीनों का उपयोग करना पड़ेगा. हालांकि इसकी प्लानिंग भी बना ली गई है. अब सिर्फ हड़ताल खत्म होने का इंतजार किया जा रहा है.

दूसरे कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को दूसरे विभाग के कर्मचारियों ने भी समर्थन दे दिया है. नगर निगम के फायर डिपार्टमेंट, एचएफए, यांत्रिक, बिल्डिंग परमिशन शाखा, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाहनों के ड्राइवर सहित सभी अपर आयुक्त का स्टाफ भी हड़ताल में शामिल हो गया है. शुक्रवार से नगर निगम के कर्मचारियों ने टैंकर से पानी की सप्लाई भी बंद कर दी है. साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी चलाने से मना कर दिया है. कर्मचारी नेता मगन झंझोट ने बताया कि, ''नगर निगम के वाटर वर्क्स के कर्मचारियों ने भी हड़ताल को समर्थन दे दिया है. यदि जल्द से जल्द कर्मचारियों की मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो शहर की स्थिति और बिगड़ सकती है.''

भोपाल की सड़कों पर 3 हजार मीट्रिक टन कचरा डंप 

भाजपा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन, सीएम से करेंगे चर्चा

अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष मगन झांझोट ने बताया कि, ''गुरुवार को बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष हेमन्त खण्डेलवाल से मुलाकात कर एक ज्ञापन दिया गया है. इससे पहले नगरीय निकाय के आयुक्त संकेत भोंडवे समेत अन्य अधिकारियों से भी चर्चा हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई निराकरण नहीं हुआ.'' मगन झांझोट ने बताया कि, ''अब मुख्यमंत्री के साथ जब तक बैठक नहीं होगी, हड़ताल जारी रहेगी.''

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