अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से होगा चीनी मिलों का संचालन, नवंबर में पेराई सत्र 2026-27 की नई चीनी होगी सुलभ

गोदामों में 70.64 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध, इसमें सहकारी मिलों में 13.40 लाख कुंतल, निगम के पास 2.93 लाख कुंतल व निजी चीनी मिलों के पास 54.3 लाख कुंतल से अधिक चीनी उपलब्ध
गन्ना आयुक्त ने क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ की बैठक, चीनी स्टॉक सत्यापन एवं मूल्य नियंत्रण के दिए आवश्यक निर्देश
सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिख चीनी उपलब्धता, मूल्यों की निगरानी व विभागीय टीमों का गठन कर सत्यापन-प्रवर्तन का अनुरोध
लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर बुधवार को विभागीय अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इसके उपरांत चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसकी कहीं कोई कमी नहीं है, इसलिए प्रदेशवासी किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। त्योहारों पर भी पर्याप्त चीनी उपलब्ध रहेगी।
राज्य के गोदामों में वर्तमान में 70.64 लाख कुंतल चीनी का स्टॉक है। इसमें सहकारी चीनी के मिलों के पास 13.40 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों के पास 2.93 लाख कुंतल तथा निजी क्षेत्र की चीनी मिलों के पास 54.3 लाख कुंतल से अधिक चीनी है। इसके अतिरिक्त चीनी मिलों का संचालन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से प्रारंभ हो जाएगा, जिससे नवंबर में नए सत्र 2026-27 के अंतर्गत नई उत्पादित चीनी भी बहुत जल्द उपभोक्ताओं के लिए सुलभ हो जाएगी।
इससे पहले केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने भी मंगलवार को उच्च स्तरीय समीक्षा कर चीनी मूल्यों पर प्रभावी नियंत्रण रखने और देश भर में इसकी सुचारु उपलब्धता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके उपरांत बुधवार को गन्ना आयुक्त ने क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया चीनी के स्टॉक के भौतिक सत्यापन, मूल्य नियंत्रण सतत निगरानी, सत्यापन कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर जिलों में चीनी मिलों से चीनी निकासी, बाजार में उपलब्धता, उसके एक्स-मिल खुदरा एवं थोक मूल्यों की सतत निगरानी करने का अनुरोध किया है। साथ ही, इसके लिए विशेष विभागीय टीमों का गठन कर भौतिक सत्यापन और प्रवर्तन की कार्रवाई सख्ती से सुनिश्चित करने को कहा गया है। शासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि केंद्र सरकार के सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन हो और त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में चीनी की उपलब्धता सुचारु रूप से बनी रहे, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।



